सच्चा दोस्त


रबी और श्याम काफी अच्छे मित्र थे दोनों एक ही क्लास मे पढ़ते थे रबी थोड़ा पढ़ाई मे कमजोर था वही श्याम प्रतिवर्ष अवल आता था 
वो दोनों इस साल नौवीं क्लास मे आये थे |इस साल कुछ नये एडमिशन हुआ था उन्ही मे एक आशीष नाम के लड़के का भी एडमिशन हुआ था जब क्लास टीचर ने उससे उसका परिचय  देने को कहा तो उसने इंग्लिश मे अपना परिचय  दिया उसने बताया वो पहले प्राइवेट स्कूल मे पढता था |
आशीष आते ही अपनी मित्रता ज्यादा नंबर लाने बच्चों से किया वो  पीछे बैठा करता था उसके आस पास ही रबी और श्याम भी बैठते थे एक दिन जब टीचर ने कहा की जो बच्चे पिछली क्लास मे सर्वधिक अंक लाये वो खड़े हो जाये तो 10 स्टूडेंट  खड़े हुए फिर एक एक करके उनके मार्क्स पूछे 10 मे से 5 स्टूडेंट को सेलेक्ट किया जिनमे श्याम, आशीष, भरत, अविनाश, कौशल थे | यह सभी स्टूडेंट out station  tour पर जायेंगे ऐसा अध्यापक  ने कहा |जो बच्चे सलेक्ट हुए थे वो बहुत खुश थे किन्तु रवि दुखी था क्यूंकि वो नहीं जा रहा था और उसका मित्र श्याम जा रहा था |
अगले दिन रवि स्कूल नहीं आता है श्याम अकेला बैठा होता है तभी उसके बेंच पर आशीष आकर बैठ जाता है श्याम भी कुछ नी कहता क्यूंकि आज उसका मित्र नहीं आया था दोनों काफी बाते करते है आशीष रवि और श्याम की मित्रता मे फूट डालने की कोशिश करता है किन्तु श्याम बहुत समझदार था |वो उसकी बातो को एक कान से सुना दूसरे से निकल दिया |
अगले दिन जब श्याम स्कूल आता है और बेंच पर बैठता है कुछ समय बाद ही आशीष भी उसके बेंच और बैठ जाता है थोड़ी देर बाद रवि भी आता है और वो आशीष को उठने को बोलता है उसके सीट से पर आशीष थोड़ा अकड़ू था वो नहीं उठा क्यूंकि श्याम समझदार था वो खुद उठ गया और फिर दोनों श्याम और रवि दूसरे बेंच पर जाकर बैठे | 
अगले दिन रवि आया स्कूल पर इस बार श्याम नी आया रवि अकेले बैठा था तब आशीष उसके पास आया और कल की गलती के लिए क्षमा माँगा | रवि ने माफ़ कर दिया आशीष उसके पास आकर बैठ गया और श्याम के बारे मे गलत गलत बाते बोलने लगा रवि बड़ा ही भोला था वो उसकी बातो मे आगया अब वो दोनों अलग बेंच पर बैठने  लगे श्याम कई बार अपनी गलती पूछा मगर रवि ने कुछ नहीं बताया 
श्याम को आशीष पर ही शक हुआ वही रवि और आशीष एक साथ बैठा करते थे |
अब श्याम इन सब चकर के चलते पढ़ाई पर सही से ध्यान भी नहीं दे पाया इस बार वो अवल नहीं आपया बल्कि इस बार आशीष अवल आया और श्याम 3rd आया 
अब आशीष ने धीरे धीरे रवि से बात कम कर दिया आशीष ने रवि और श्याम मे खुद अवल आने जे लिए ही फुट डाला होगा 
अब आशीष कौशल जो की 2nd आया था उसके साथ बैठने लगा 
Love story
रवि अकेला पड़ गया तब उसे समझ आया की उसका सच्चा मित्र श्याम ही था मगर वो अब माफ़ी भी किस मुँह से मांगता | कुछ दिन बीते तब एक दिन बड़ी हिम्मत करके रवि श्याम के पास गया और उससे माफ़ी माँगा | श्याम को पहले से ही पता था आशीष के बारे मे इसीलिए  उसने माफ़ कर दिया अब फिर से वो दोनों साथ बैठने लगे इस बार दोनों ने खूब पढ़ाई किया और मस्ती भी और इस बार
दोनों क्लास मे प्रथम और द्वितय आये और वही आशीष प्रथम से पाचवे स्थान पर पहुंच गया |


तो हमें इस कहानी से ये शिक्षा मिलता है की कभी भी दुसरो की कही बातो मे नहीं आना चाहिए 

दोस्त वो होते है जो हर खुशी गम मे काम  आते है अगर मुझसे दोस्ती के किस्से पूछो तो सबसे पहले रवि और श्याम आते है