भूतिया बांग्ला (मौत एक रहस्य )
नकुल एक अनाथ था उसका इस दुनिया मे कोई नी था उसका पूरा बचपन अकेले आश्रम मे बिता उसने बहुत परिश्रम करके हाल ही मे सरकारी नौकरी हाशिल किया था
रेलवे मे एक छोटी से पद पर उसकी नियुक्ति हुआ जिस गांव मे उसका आश्रम था उसके पास के ही स्टेशन पर उसकी नियुक्ति हुआ था इसीलिए वो बहुत ख़ुश था उसने सोच रखा था कि अब नौकरी के साथ साथ पढ़ाई भी करेगा और थोड़ा अच्छी नौकरी रेलवे मे ही लेगा वहा उसके ही स्टॉफ मे रीता भी काम करती थी रीता और नकुल नाजाने कब एक दूसरे से प्यार कर बैठे रीता नकुल से कई बार शादी कि बात करती मगर नकुल कहता कि अभी एग्जाम दिया हैँ जब उसका रिजल्ट आएगा और अच्छे पद पर नियुक्ति हो जायेगा तब करेंगे कुछ महीने बीते नकुल ने जैसा सोचा था वैसा ही हुआ उसे मुंबई शहर मे स्टेशन मास्टर के पद पर नियुक्ति हुआ अब नकुल रीता के परिवार से बात करके शादी कर लेता हैँ
अब नकुल और रीता ट्रैन से मुंबई पहुंचते हैँ नकुल पहुंचकर रेलवे अधिकारी से जॉइनिंग लेटर दिखा कर ज्वाइन करता हैँ उसे लगा उसे फिर सरकारी रूम के रूप मे एक बांग्ला मिलता हैँ बांग्ला बहुत पुराना था आस पास कोई घर भी नहीं था बँगले मे सारा सामान इधर उधर बिखरा हुआ था रीता और नकुल मिल कर पूरा घर साफ करते है साफ सफाई मे ही शाम हो जाता है वो थके हुए थे शाम मे ऑनलइन खाना माँगा कर खा लिया और जैसे ही सोने को जा रहे थे दरवाजे कि घंटी बजी जब बाहर जा कर देखा तो वहा और कोई नी बल्कि आर्डर देने आया डिलीवरी बॉय था उसने कहा साहब और कुछ तो नी चाहिए ना नकुल को लगा कि शायद वो टिप नी दिया इसीलिए आया होगा उसने अपने जेब से 100 रूपए निकाल कर दिया और कहा नहीं हमें अब कुछ नी चाहिए और दरवाजा बंद कर दिया
वो तक़रीबन 11 बजे सभी लाइट बंद करके सो गए रात के 1 बजे अचानक नकुल कि नींद कुछ आवाज़ सुन कर खुल जाती हैँ आवाज़ सायद किचन से आ रहा था रीता सुबह से बहुत काम करके थक गयी थी इसीलिए नकुल उसे ना उठा कर खुद जा कर देखता है वहा वो जैसे ही पंहुचा देखने मे सब ठीक लग रहा था उसने सोचा कि शायद कोई चूहा होगा वो बिस्तर पर जा कर सो जाता है फिर थोड़ी देर बाद बहुत ज़ोर ज़ोर से दरवाजा कोई पिट रहा था इस बार इतनी तेज़ आवाज़ थी कि रीता और नकुल दोनों कि नींद खुल जाती है जब लाइट ऑन किया तो पता चला कि लाइट ही चली गयी हैँ अँधेरे मे ही मोबाइल के टोर्च से नकुल जा कर बाहर दरवाजा खोल कर देखता हैँ तो वहा कोई दूर दूर तक नहीं होता हैँ अब थोड़ी घबराहट होने लगा दोनों को क्यूंकि आवाज़ तो आयी थी अब सोचने लगे आखिर करें तो क्या करे फिर नकुल के पास जिस रेलवे अधिकारी ने इस बंगले मे भेजा था उसका नंबर होता हैँ वो उसे कॉल करता हैँ कॉल उठाकर नकुल के बोलने से पहले ही उधर से आवाज़ आती हैँ कि सब ठीक तो हैँ ना कोई तकलीफ तो नहीं हैँ ना ये सब सुन कर वो बोलता हैँ कि यहाँ कुछ ठीक नहीं हैँ अजीब अजीब चीजे हो रही हैँ फिर उधर से वो अफसर हस्ते हुए बोला कि अभी तो मौत भी होनी हैँ ये सुन कर नकुल के होश उड़ गए जब घड़ी देखा तो 3 बजने वाले थे बस कुछ 20 मिनट्स थे उसने रीता को बोला कि जल्दी से सामान पैक करे हमें अभी यहाँ से निकलना है वो पैक करके बाहर को भागते हैँ दरवाजा खोल कर जल्दी जल्दी स्टेशन कि और चलते हैँ रास्ते मे कार से लिफ्ट लेते हैँ अब वो सोचते हैँ कि सब ठीक है पर थोड़ी देर बाद वो दोबारा उसी बँगले के पास पहुंच जाते हैँ फिर उन दोनों को कार घर के अंदर ले जाता हैँ जब वो ड्राइवर को देखते हैँ तो कोई और नी बल्कि वही रेलवे अधिकारी था कार जाकर ज़ोर से बगले के खम्बे से टकराती हैँ फिर नकुल कि आँख एक ही बार 2 महीने बाद हॉस्पिटल मे खुलती हैँ जब वो अपनी पत्नी रीता के बारे मे पूछता हैँ तो पता चलता हैँ कि वो अब इस दुनिया मे नहीं हैँ उसकी लाश उसी बँगले मे मिला जहा उस रात वो दोनों रुके थे ये सुन कर नकुल बहुत दुखी होता हैँ मन ही मन कहता हैँ कि बचपन मे मा बाप नी और अब रीता भी नहीं रही नकुल अंदर से टूट जाता हैँ कुछ महीने बाद वो रेलवे मे अपने नौकरी पर जाता हैँ तब वो किसी से उस बँगले के बारे मे पूछता हैँ तो पता चलता हैँ कि उस दिन जिस अफसर ने उसे बँगले मे रहने को बोला वो तक़रीबन 3 साल पहले ही उसी बँगले मे जा कर फांसी लगा लिया था पुलिस को suscide नोट मे मिला था कि उसे रिश्वत माँगा गया नौकरी के लिए वो गरीब घर का था घर वाले लोन ले कर उसे पढ़ाया अब रिश्वत कहा से दे उसे इंटरव्यू मे रिजेक्ट कर दिया गया इसीलिए उसने आत्महत्या कर लिया अब जब भी कोई नई जॉइनिंग होता अगर उसे रिश्वत माँगा गया अगर उसने दे दिया तो अगले दिन उसकी लाश उसी बगले मे मिलता था
नकुल ने भी अच्छे शहर मे नौकरी के लिए रिश्वत दिया था यही कारण था कि उसने अपनी पत्नी रीता को खो दिया अब वो हर दिन अपने अकेलेपन और रीता के मौत के लिए अपने को कोशने लगा कुछ दिन बाद वो पागल हो गया इन्ही कारणों से और जा कर उसी बगले मे आत्महत्या कर लिया
नकुल एक अनाथ था उसका इस दुनिया मे कोई नी था उसका पूरा बचपन अकेले आश्रम मे बिता उसने बहुत परिश्रम करके हाल ही मे सरकारी नौकरी हाशिल किया था
रेलवे मे एक छोटी से पद पर उसकी नियुक्ति हुआ जिस गांव मे उसका आश्रम था उसके पास के ही स्टेशन पर उसकी नियुक्ति हुआ था इसीलिए वो बहुत ख़ुश था उसने सोच रखा था कि अब नौकरी के साथ साथ पढ़ाई भी करेगा और थोड़ा अच्छी नौकरी रेलवे मे ही लेगा वहा उसके ही स्टॉफ मे रीता भी काम करती थी रीता और नकुल नाजाने कब एक दूसरे से प्यार कर बैठे रीता नकुल से कई बार शादी कि बात करती मगर नकुल कहता कि अभी एग्जाम दिया हैँ जब उसका रिजल्ट आएगा और अच्छे पद पर नियुक्ति हो जायेगा तब करेंगे कुछ महीने बीते नकुल ने जैसा सोचा था वैसा ही हुआ उसे मुंबई शहर मे स्टेशन मास्टर के पद पर नियुक्ति हुआ अब नकुल रीता के परिवार से बात करके शादी कर लेता हैँ
अब नकुल और रीता ट्रैन से मुंबई पहुंचते हैँ नकुल पहुंचकर रेलवे अधिकारी से जॉइनिंग लेटर दिखा कर ज्वाइन करता हैँ उसे लगा उसे फिर सरकारी रूम के रूप मे एक बांग्ला मिलता हैँ बांग्ला बहुत पुराना था आस पास कोई घर भी नहीं था बँगले मे सारा सामान इधर उधर बिखरा हुआ था रीता और नकुल मिल कर पूरा घर साफ करते है साफ सफाई मे ही शाम हो जाता है वो थके हुए थे शाम मे ऑनलइन खाना माँगा कर खा लिया और जैसे ही सोने को जा रहे थे दरवाजे कि घंटी बजी जब बाहर जा कर देखा तो वहा और कोई नी बल्कि आर्डर देने आया डिलीवरी बॉय था उसने कहा साहब और कुछ तो नी चाहिए ना नकुल को लगा कि शायद वो टिप नी दिया इसीलिए आया होगा उसने अपने जेब से 100 रूपए निकाल कर दिया और कहा नहीं हमें अब कुछ नी चाहिए और दरवाजा बंद कर दिया
वो तक़रीबन 11 बजे सभी लाइट बंद करके सो गए रात के 1 बजे अचानक नकुल कि नींद कुछ आवाज़ सुन कर खुल जाती हैँ आवाज़ सायद किचन से आ रहा था रीता सुबह से बहुत काम करके थक गयी थी इसीलिए नकुल उसे ना उठा कर खुद जा कर देखता है वहा वो जैसे ही पंहुचा देखने मे सब ठीक लग रहा था उसने सोचा कि शायद कोई चूहा होगा वो बिस्तर पर जा कर सो जाता है फिर थोड़ी देर बाद बहुत ज़ोर ज़ोर से दरवाजा कोई पिट रहा था इस बार इतनी तेज़ आवाज़ थी कि रीता और नकुल दोनों कि नींद खुल जाती है जब लाइट ऑन किया तो पता चला कि लाइट ही चली गयी हैँ अँधेरे मे ही मोबाइल के टोर्च से नकुल जा कर बाहर दरवाजा खोल कर देखता हैँ तो वहा कोई दूर दूर तक नहीं होता हैँ अब थोड़ी घबराहट होने लगा दोनों को क्यूंकि आवाज़ तो आयी थी अब सोचने लगे आखिर करें तो क्या करे फिर नकुल के पास जिस रेलवे अधिकारी ने इस बंगले मे भेजा था उसका नंबर होता हैँ वो उसे कॉल करता हैँ कॉल उठाकर नकुल के बोलने से पहले ही उधर से आवाज़ आती हैँ कि सब ठीक तो हैँ ना कोई तकलीफ तो नहीं हैँ ना ये सब सुन कर वो बोलता हैँ कि यहाँ कुछ ठीक नहीं हैँ अजीब अजीब चीजे हो रही हैँ फिर उधर से वो अफसर हस्ते हुए बोला कि अभी तो मौत भी होनी हैँ ये सुन कर नकुल के होश उड़ गए जब घड़ी देखा तो 3 बजने वाले थे बस कुछ 20 मिनट्स थे उसने रीता को बोला कि जल्दी से सामान पैक करे हमें अभी यहाँ से निकलना है वो पैक करके बाहर को भागते हैँ दरवाजा खोल कर जल्दी जल्दी स्टेशन कि और चलते हैँ रास्ते मे कार से लिफ्ट लेते हैँ अब वो सोचते हैँ कि सब ठीक है पर थोड़ी देर बाद वो दोबारा उसी बँगले के पास पहुंच जाते हैँ फिर उन दोनों को कार घर के अंदर ले जाता हैँ जब वो ड्राइवर को देखते हैँ तो कोई और नी बल्कि वही रेलवे अधिकारी था कार जाकर ज़ोर से बगले के खम्बे से टकराती हैँ फिर नकुल कि आँख एक ही बार 2 महीने बाद हॉस्पिटल मे खुलती हैँ जब वो अपनी पत्नी रीता के बारे मे पूछता हैँ तो पता चलता हैँ कि वो अब इस दुनिया मे नहीं हैँ उसकी लाश उसी बँगले मे मिला जहा उस रात वो दोनों रुके थे ये सुन कर नकुल बहुत दुखी होता हैँ मन ही मन कहता हैँ कि बचपन मे मा बाप नी और अब रीता भी नहीं रही नकुल अंदर से टूट जाता हैँ कुछ महीने बाद वो रेलवे मे अपने नौकरी पर जाता हैँ तब वो किसी से उस बँगले के बारे मे पूछता हैँ तो पता चलता हैँ कि उस दिन जिस अफसर ने उसे बँगले मे रहने को बोला वो तक़रीबन 3 साल पहले ही उसी बँगले मे जा कर फांसी लगा लिया था पुलिस को suscide नोट मे मिला था कि उसे रिश्वत माँगा गया नौकरी के लिए वो गरीब घर का था घर वाले लोन ले कर उसे पढ़ाया अब रिश्वत कहा से दे उसे इंटरव्यू मे रिजेक्ट कर दिया गया इसीलिए उसने आत्महत्या कर लिया अब जब भी कोई नई जॉइनिंग होता अगर उसे रिश्वत माँगा गया अगर उसने दे दिया तो अगले दिन उसकी लाश उसी बगले मे मिलता था
नकुल ने भी अच्छे शहर मे नौकरी के लिए रिश्वत दिया था यही कारण था कि उसने अपनी पत्नी रीता को खो दिया अब वो हर दिन अपने अकेलेपन और रीता के मौत के लिए अपने को कोशने लगा कुछ दिन बाद वो पागल हो गया इन्ही कारणों से और जा कर उसी बगले मे आत्महत्या कर लिया

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